नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि साल 2026 में माघ मास में आने वाली गुप्त नवरात्रि कब मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, पूजा करने की विधि क्या होगी, और माघ मास में गुप्त नवरात्रि पूजा से शुभ फल की प्राप्ति के लिए क्या उपाय करना चाहिए ! आईये जानते है।
2026 Magha Gupt Navratri Start Date: हिन्दू धर्म मे नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व बताया गया है। प्रत्येक वर्ष चार बार नवरात्र पर्व मनाए जाते हैं। अधिकतर लोग साल के दो नवरात्रियों के बारे में ही जानते हैं। जो चैत्र और शारदीय नवरात्र होते है। लेकिन इन दो नवरात्रि के अलावा भी दो नवरात्रि और होते है। जिन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाताहै। बतादे कि गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ मास में आते है। माघ माह अथार्त जनवरी-फरवरीमें पडने के कारण इन नवरात्रि को माघी नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है।
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक माघ गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इन नवरात्रि में माता भगवती की पूजा की जाती है। जो भक्त पूरी श्रद्धा भाव से जन दिन व्रत रखता है। मा दुर्गा उससे सीघ्र प्रसन्न होती है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में यदि ज्यादा प्रचार प्रसार न करते हुए साथक द्वारा अपनी साधना को गुप्त रखा जाये तो साधक की मनोकामना पूर्ण होने की सम्भावनाये कई गुना बढ़ जाती है।
माघ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि
वे भत्त जो गुप्त नवरात्री का व्रत रखना चाहते है वे सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि के बाद व्रत रखने का संकल्प ले। यदि आप कलश स्थापना करते है तो सुबह शाम देवी मन्त्र जाप, चालीसा, या सत्तशती का पाठ जरूर करे। पूजा के दौरान मां को लौंग और बताशे का भोग लगाए। गुप्त नवरात्रि में मां को लाल रंग के फूल चढाना शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि इन 9 दिनों अपने खानपान और आहार को सात्विक रखें। गुप्त नवरात्रि में गुप्त रूप से की गयी मैन देवी की पूजा आराधना जल्द ही फलीभूत होती है। और व्यक्ति की सभी मनोकामनएं पुर्ण होती है।
गुप्त नवरात्रि में साधक को पूर्ण संयम और शुध्दता के साथ माता भगवती की आराधना करनी चाहिए। इन नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ स्वरूपो के साथ ही दस महाविद्याओ की पूजा का विशेष महत्व है। ये दस महाविद्यायें मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मा धूमावती, मा बगुलामुखी, मां मातंगी और कमला देवी है। बतादे गुप्त नवरात्रि में मां की पूजा आराधना गुप्त रूप से की जाती है। इसलिए इन्हें गुप्त नवरात्रि कहा जाता है। यह नवरात्र भी चैत्र और शारदीय नवरात्रियों के जैसे ही मनाया जाता है। गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में देवी की नौ स्वरूपो की पूजा की जाती है।
2026 Magha Gupt Navratri Start Date: 2026 में माघ गुप्त नवरात्रि कब है?
2026 में माघ गुप्त नवरात्रि का आरंभ 19 जनवरी 2026, सोमवार को होगा और इसका समापन 28 जनवरी 2026, बुधवार को होगा। और कलश स्थापना 19 जनवरी 2026 को की जाएगी।
| दिन | दिन व तारीख | नव देवियों का नाम |
|---|---|---|
| पहला दिन – प्रतिप्रदा | 19 जनवरी 2026 दिन सोमवार | घटस्थापना, शैलपुत्री पूजा |
| दूसरा दिन – द्वितीया | 20 जनवरी 2026 दिन मंगलवार | ब्रह्मचारिणी पूजा |
| तीसरा दिन – तृतीया | 21 जनवरी 2026 दिन बुधवार | चंद्रघंटा पूजा |
| चौथा दिन – चतुर्थी | 22 जनवरी 2026 दिन गुरुवार | कुष्मांडा पूजा |
| पांचवा दिन – पंचमी | 23 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार | स्कंदमाता पूजा |
| छटवां दिन – षष्ठी | 24 जनवरी 2026 दिन शनिवार | कात्यायनी पूजा |
| सातवां दिन – सप्तमी | 25 जनवरी 2026 दिन रविवार | कालरात्रि पूजा |
| आठवां दिन – अष्टमी | 26 जनवरी 2026 दिन सोमवार | अष्टमी, दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा, संधि पूजा |
| नौवा दिन – नवमी | 27 जनवरी 2026 दिन मंगलवार | नवमी, सिद्धिदात्री पूजा |
| दसवां दिन – दशमी | 28 जनवरी 2026 दिन बुधवार | दशमी, नवरात्रि पारण |
गुप्त नवरात्रि उपाय
शास्रों के अनुसार वह व्यक्ति जिसके जीवन में निरंतर परेशानिया आ रही हो या व्यक्ति के जीवन में आर्थिक परेशानियां चल रही है। तो उनके लिए गुप्त नवरात्रि में किया गया सिर्फ एक महाउपाय से उनकी सभी तरह की परेशानियों का अंत कर देता है। आईये जानते इस एक महाउपाय के बारे में
गुप्त नवरात्रि के दौरान सबसे पहले सुबह स्नान कर पूजास्थल पर एक चौकी पर कोई साफ़ सुथरा लाल कपडा बिछाले अब इस चौकी पर 11 गोमती चक्र रखे। और इसके बाद रुद्राक्ष की माला से देवी मां के ॐ ऐं क्ली श्नी मन्त्र का 11 बार माला जाप करे। पूजा पूरी होने के बाद इस सभी गोमती चक्रो को लाल रंग की पोटली में बांधकर में रखदे। इस महाउपाय को करने से धन सम्बंधित परेशानियों का जल्द ही अंत हो जाता है।
