नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि साल 2026 में वट सावित्री व्रत कब रखा जाएगा। पूजा की सही तिथि और मुहूर्त क्या रहेगा, और वट सावित्री व्रत पूजा की सामग्री रहेगी आइये जानते है।
2026 Vat Savitri Vrat Date Time: मित्रो हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिवर्ष ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को वट सावित्री का व्रत रखा जाता है। व सावित्री व्रत को मोक्ष अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए खास महत्व होता है। क्योंकि यह व्रत सुहागिन स्त्रियां अखंड सौभाग्य के लिए मान्यता है। कि यह व्रत रखने से पति की लंबी आयु और संतान की प्राप्ति होती है व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। और उसके चारों ओर परिक्रमा मान्यता है कि वृक्ष के नीचे सावित्री ने अपने पति को दोबारा जीवित किया था।
वट सावित्री व्रत का महत्व
वटसावित्री का व्रत अखंड सौभाग्य की कामना और संतान प्राप्ति की दृष्टि से काफी शुभ फलदाई होता है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष यानि बरगद के पेड़ और सावित्री-सत्यवान की पूजा करती है। और बरगद के पेड़ के चारों ओर परिक्रमा लगाती है। मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में ब्रम्हा विष्णु और महेश इन तीनों देवताओं का वास होता है।
इसलिए वट सावित्री के दिन वट वृक्ष की पूजा करने का विशेष महत्व माना जाता है। कि इस व्रत वट सावित्री व्रत की कथा सुनने से मनोकामना पूर्ण होती तो महिलाओं को अखंड सौभाग्य और संतान की प्राप्ति के वट वृक्ष की पूजा करने से घर में सुख शांति और धन लक्ष्मी का वास होता है।
वट सावित्री पूजा सामग्री
वट सावित्री व्रत की पूजन सामग्री में आपको चाहिए सावित्री-सत्यवान की मूर्ति सुहाग का समाधान बांस की टोकरी लाल रंग के अलावा धूप, दीप, फल, फूल, रोली, और जल से भरा हुआ कलश आदि।
वट सावित्री व्रत पूजा विधि
वे महिलाएं जो वट सावित्री का व्रत रखना चाहती है वे महिलाएं इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके व्रत का संकल्प करें। अब पूजा के लिए सुहागिन महिलाएं पूजा से पहले शृंगार करले। अब पूजा लिए एक बॉस की टोकरी में सात तरह के अनाज रखे और उन्हें कपड़े से ढक दे। और एक अन्य बॉस की टोकरी में देवी सावित्री और सत्यवान की प्रतिमा रखे।
इस प्रतिमा और वट वृक्ष पर महिलाएं सभी पूजन सामग्री अर्पित करे। और कच्चे सूत के धागे, या लाल कलावा से वृक्ष के चारों तरफ परिक्रमा करते हुए सात बार लपेटे। इसके बाद महिलाएं वट सावित्री व्रत की कथा सुने या पढे और शाम को पूजा करके प्रसाद सभी में वितरित करे।
वट सावित्री व्रत 2026 में कब है 2026 Vat Savitri Vrat Date Time in india
| व्रत त्योहार के नाम | दिन व तारीख |
|---|---|
| वट सावित्री व्रत | 16 मई 2026 शनिवार |
| अमावस्या तिथि प्रारम्भ होगी | 16 मई 2026 सुबह 05:11 बजे |
| अमावस्या तिथि समाप्त होगी | 17 मई 2026 दोपहर 01:30 बजे |
