2025 Navratri 6th Day Puja Vidhi: नवरात्रि का छठवां दिन, मां कात्यायनी की पूजा कैसे करे? जानिए, भोग, प्रसाद, मंत्र और आरती

नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा कैसे करे? मां को कैसा भोग लगाएं, किस रंग के कपड़े पहने और किस तरह पूजा करके मां को प्रसन्न करें। भक्त इसके अलावा इस दिन किये जाने वाले उपाय के बारे में ! आईये जानते है।

2025 Navratri 6th Day Puja Vidhi: नवरात्र पर्व माता दुर्गा के प्रति आस्था और विश्वास प्रकट करने वाला पर्व है। नवरात्रि पर्व 9 दिनों तक मनाया जाता है। नवरात्रि में हर दिन मां दुर्गा के अलग अलग अवतारों की पूजा की जाती है। नवरात्र का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है। यानी नवरात्र के छठे दिन कात्यायनी देवी की पूजा का विधान है।

दुर्गा शप्तशती में मध्य चरित्र जिस महीसा सुर का उल्लेख मिलता है। उसका वध करने वाली देवी मां कात्यायनी ही हैं। इसलिए मां कात्यायनी को महिषासुर मर्दनी के नाम से भी जाना जाता हैं। मां कात्यायनी की पूजा से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस।कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया।

मां कात्यायनी पूजा का महत्व

नवरात्र के छठे दिन देवी के छठे रूप मां कात्यायनी की पूज़ा की जाती है। मां कात्यायनी अमोघ फल दायिनी मानी गई है, माता अपने भक्तों के प्रति अति उदार भाव रखती है।और अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती है, शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों को माता की अवश्य उपासना करनी चाहिए। यह देवी विवाह में आने वाली बाधाओं को भी दूर करती है। देवी कात्यायनी रोग और शोक को दूरकर के आयु और समृद्धि प्रदान करती है।

मां कात्यायनी का स्वरूप

मां कात्यायनी के स्वरूप की बात करे तो मां अत्यंत भव्य और दिव्य है। मां का शरीर सोने जैसा सुनहरा और चमकदार है। मां कात्यायनी का वाहन सिंह है। मां की चार भुजाएं है दायीं तरफ के ऊपर वाला हाथ अभय मुद्रा में है। नीचे वाले हाथ वर मुद्रा में वही मां के बाई तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार और नीचे वाले हाथ मे कमक का फूल सुशोभित है।

मां कात्यायनी का पसंदीदा भोग और रंग

नवरात्र के छठे दिन देवी कात्यायनी के पूजन में मधु का काफी महत्व बताया गया है। इस दिन प्रसाद में मधु यानि शहद का प्रयोग करना चाहिए। मान्यता है कि इसके प्रभाव से साधक सुंदर रूप प्राप्त करता है। मां को मालपुआ का भोग भी प्रिय है। मान्यतानुसार लाल रंग मां कात्यायनी का प्रिय होता है इस चलते भक्त आज के दिन लाल के वस्त्र धारण कर सकते है।

मां कात्यायना व्रत की पूजा विधि 2025 Navratri 6th Day Puja Vidhi

नवरात्रि के छठवें दिन की पूजा भी अन्य नवरात्रि की तरह ही कि जाति है।मां कात्यायनी की पूजा शुरु करने से पहले स्वच्छ वस्त्र धारण करे। मां की पूजा में लाल कपड़े पहना अधिक शुभ माना जाता है। मां की पूजा के लिए सबधे पहले मां कात्यायनी की तस्वीर स्थापित करें। अगर तस्वीर न हो तो मां दुर्गा की ही प्रतिमा की पूजा करे। अब गंगाजल से स्थान पवित्र कर मां की फ़ोटो या मूर्ति के सामने धी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं और उन्हें तिलक लगाएं। इसके बाद कलश आदि पूज करने के बाद मां कात्यायनी की पीले रंग के फूलों से विशेष पूजा अर्चना करे।

मां को सुगन्धित पुष्प अर्पित करने से सीघ्र विवाह के योग बनते है इसके साथ ही प्रेम सम्बन्धी बाधाएं भी दूर होती है। मां को शहद अर्पित करना विशेष शुभ होता है। अब मां कात्यायनी के मन्त्र ‘ऊँ कात्यायिनी देव्ये नमः का 108 बार जाप करें, और मां से प्रार्थना करे। इसके बाद मां की कथा पढ़े और दीपक या कपूर से माता की आरती उतारे और माता के जयकारे लगाए। इसके पश्चयात मां के स्रोत का पाठ करे और फिर मां को पीले नैवेद्य का भोग लगाएं। शाम के समय मे भी मां दुर्गा की आरती उतारे इसके बाद प्रसाद सभी लोगो मे बाटें।

छठा नवरात्रि उपाय

शीद्य विवाह या प्रेम संबंधी मामलों के लिए नवरात्रि के छठवें दिन शाम के समय मां कात्यायनी को हल्दी की 3 गांठ चढ़़ाएं। फिर सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए पीले फूल चढ़ाते हुए माता के मंत्र का 108 बार जाप करे। हर मंत्र के बाद एक पीला फूलमाता को चढ़ाएं अगले दिन इन गांठों को अपने पास सुरक्षित रख लें। मान्यता है यह उपाय करने से विवाह और वैवाहिक जीवन संबंधी हर समस्या का निवारण होता हैं। इसके अलावा कात्यायनी मंत्रो के जाप से मांगलिक दोष भी दूर होते है।

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