January 2026 Paush Purnima Date: 2026 में पौष पूर्णिमा कब है? जाने डेट महत्व और स्नान-दान का मुहूर्त

नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि साल 2026 में पौष पूर्णिमा कब मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, पूजा करने की विधि क्या होगी, और पौष पूर्णिमा के शुभ फल की प्राप्ति के लिए क्या उपाय करना चाहिए ! आईये जानते है।

January 2026 Paush Purnima Date: हिंन्दू धर्म में पौष मास की पूर्णिमा का खास महत्व माना जाता है। पूर्णिमा तिथि पर स्रान, दान और व्रत रखने का खास महत्व है। माना जाता है कि पूर्णिमा के दिन किये गए धार्मिक कार्य का फल जातक को कई गुना अधिक प्राप्त होता है। पौष पर्णिमा के दिन भगवान विष्णु जी और मां लक्ष्मी की पूजा करने से जातक की मनोकामना पर्ण होती है। रुके हुए कार्य गति पकड़ते है और घर में सुख-समृद्ध और शांति का आगमन होता है।

पौष पूर्णिमा का महत्व

मित्रो हिन्दू धर्म में साल की पहली पर्णिमा यानि पौष पर्णिमा का महत्व बेहद ही ख़ास माना गया हैं। इस तिथि पर पवित्र नदी में स्नान, और सूर्य देव को अर्घ्य देने की विशेष परम्परा है। बता दे कि पौष मास सूर्य देव का माह है और पूर्णिमा चन्द्रमा की तिथि है। इसलिए सुर्य और चन्द्रमा का यह अद्भुत संयोग भी पौष पूर्णिमा तिथि पर ही होता है।

मान्यताओं के अनुसार पौष पूर्णिमा के दिन सुर्य और चन्द्रमा की पूजा करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पुर्ण होती है। और जीवन में चल रही बांधाये दूर होती है। इसके अलावा इस दिन किये गए धार्मिक उपाय करना भी बेहद प्रभावशाली माना गया है। और ऐसा करने से भगवान विष्णु जी और मां लक्ष्मी की कृपा जातक पर बनी रहती हैं।

पौष पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि

मित्रो पौष पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान का बहुत महत्व माना जाता है। इसलिए इस दिन ब्रह्म मुहर्त में उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर आपके लिए इस दिन गंगा स्नान का संयोग ना बन पाए तो आप घर पर ही अपने नहाने वाले पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। अब साफ सुथरे कपडे पहनकर सबसे पहले सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हए सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।

सुर्य देवता को जल अर्पित करने के लिए उगते हए सूर्य की ओर मुंह करके खड़े होकर जल में तिल मिलाकर उन्हें अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु जी और मां लक्ष्मी जी की पुरे विधि विधान से पूजा करे पूजा के दौरान उन्हें जल, अक्षत, तिल, रोली, चंदन, फूल, फल, सुपारी, इत्यादि पूजन सामग्री अर्पित करे। इस तिथि पर भगवान सत्यनारायण की कथा पढना और सुनना भी काफी शुभ होता है। अब पुजा में शामिल सभी बड़े लोगों से आशीर्वाद लें और सबको प्रसाद बांटे।

2026 में पौष पूर्णिमा कब है? January 2026 Paush Purnima Date

व्रत त्यौहार के नामदिन व दिनांक
पौष पूर्णिमा व्रत03 जनवरी 2026 – शनिवार
पूर्णिमा तिथि आरम्भ होगी02 जनवरी 2026 – शाम 06:55 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी03 जनवरी 2026 – दोपहर 03:34 बजे

पौष पूर्णिमा व्रत के उपाय

  • मित्रो पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पवित्र नदियों में स्तान करने का विशेष महत्व है। पौष पूर्णिमा के दिन गंगा नदी या फिर किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करना काफी शुभ माना जाता है। अगर आपके लिए पवित्र नदी में स्नान करना संभव ना हो तो आप अपने नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
  • पौष पूर्णिमा तिथि पर चावल खीर या फिर सफेद वस्त्रो का दान करना चाहिए। शास्तों के अनुसार सफेद का संबंध चद्रमा से होता है। इसलिए पूणिमा के दिन सफेद बस्तुओं का दान करने से जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है और चंद्र दोष दूर होता है।
  • यदि आप अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहते है तो पौष पूणिमा के दिन चंद्रमा को दूध में चीनी और चावल मिलाकर ॐ ऐ क्ली सोमाय नमः मंत्र का जाप करते हुए अर्पित करे। ऐसा करने से आर्थिक समस्या दूर होती है और आय में वृद्धि होती है।
  • पूर्णिमा के दिन मां लक्षमी की पूजा का खास विधान है। इस दिन मां लक्ष्मी को पूजन में 11 कौड़िया चढाकर उन पर हल्दी से तिलक करें। और अगली सुबह इस कौड़ियों को किसी लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख दे। और हर पूर्णिमा के दिन इन्ही कौड़ियों की पूजा करके पुनः अगले दिन इन्हें धन रखने वाले स्थान पर रख दे। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और पारिवारिक आय में वृद्धि होती है।

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