नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि साल 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा कब मनाई जाएगी। पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, पूजा करने की विधि क्या होगी, और फाल्गुन पूर्णिमा व्रत का शुभ फल की प्राप्ति के लिए क्या उपाय करना चाहिए ! आईये जानते है।
March 2026 Phalguna Purnima Date: मित्रो हिन्दू धर्म में पुर्णिमा व्रत का विशेष महत्व बताया है। बता दे कि प्रत्येक वर्ष पूर्णिमा तिथि 12 बार आती है। और प्रत्येक पूर्णिमा तिथि का अलग-अलंग महत्व होता है। सनातन धर्म में फाल्गुन की पृर्णिमा का विशेष महत्व बतया गया है क्योकि इस दिन होलिका दहन और लक्ष्मी जयंती का पर्व भी मनाया जाता है।
फाल्गुन पर्णिमा के दिन सान-दान, भगवान सत्यनारायण, मां लक्ष्मी की पूजा का विघान है।।पुर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्र देव माने जाते है, इसलिए कहा जाता हैं कि फाल्गुन पुर्णिमा पर चंदमा को अर्ध्य देने से मानसिक कष्ट दूर होते है। फाल्गुन पुर्णिमा पर व्रत रखकर भगवान विष्णु जी की पूजा करने वाले जातक को अपने जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है।
फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा का उपवास रखने से मनुष्य के दुखों का नाश होता है। और उस पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है।
फाल्गुन पूर्णिमा व्रत की पूजा विधि
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन जातक को किसी तीर्थ स्थल पर जाकर सान करना चाहिए यदि आपके लिए तीर्थस्थल पर स्नान संभव नही हो सके तो नहाने के पानी मैं कुछ बूंदे गंगाजल की डालकर घर पर ही स्नान कर सकते है। अब स्नान के पश्चात सूर्य मंत्र का उच्चारण करते हुए सूर्य देव को अर्घ देना चाहिए। इस दिन भगवन विष्णु जी के नरसिंह अवतार की पुजा की जाती है। नरसिंह भगवान जी की गुण, माला, पुष्प, गुलाल ब नारियल आदि सामग्रियों से पूजा करे।
मान्यता है कि फाल्गुन पुर्णिमा के दिन सच्चे मन से नरसिंह भगवान की पुजा करने से जातक के जीवन में चल रही सभी तरह की समस्यों का अंत होता है और उसे सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी जी की भी पूजा अवश्य करे। फालगुन पुर्णिमा का व्रत रखने वाले जातक शाम को सूर्यास्त के बाद व्रत का पारण कर सकते है। पुर्णिमा तिथि में रात में चंदमा निकलने के बाद चंद्र देव का विधिवत धुप, दीप आदि से पूजन करे। और चंदमा को अर्घ दे और अगले दिन अपनी इ़च्छा औैर सामर्य अनुसार ब्राम्हण को दान दक्षिणा दे।
2026 में फाल्गुन पूर्णिमा कब है? March 2026 Phalgun Purnima Date Time
| व्रत त्यौहार का नाम | दिन व दिनांक |
|---|---|
| फाल्गुन पूर्णिमा व्रत | 03 मार्च 2026 – दिन मंगलवार |
| पूर्णिमा तिथि कब शुरू होगी | 02 मार्च 2026 – शाम 05:56 बजे |
| पूर्णिमा तिथि कब समाप्त होगी | 03 मार्च 2026 – शाम 05:08 बजे |
फाल्गुन पूर्णिमा पर करें ये उपाय
- फाल्गुन पुर्णिमा के दिन जातक को ब्रम्ह मुहूर्त मे स्नान आदि के बाद तुलसी की पूजा करनी चाहिए। मान्यता है इससे मां लक्ष्मी का घर मैं निवास होता है। फाल्गुन पृर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की कथा जरूर करे।
- मान्यताओं के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर ही समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी अवतरित हुई है। इसलिए इस दिन को लक्ष्मी जंयती के नाम से भी जाना जाता है। अतः भगवान विष्णु जी औैर मां लक्ष्मी दोनों की कृपा पाने के लिए यह दिन विशेष पुण्यकारी माना जाता है।
- संकट से मुत्ति और धन , सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ की प्राप्ति के लिए फाल्गुन पुर्णिमा के दिन श्रीहरि विष्णु जी और मां लक्ष्मी जी की एक साथ पूजा अवश्य करे। इसके अलावा फालगुन पुणिमा की तिथि पर दान करने से धन, वैभव और सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
- फाल्गुन पुर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की पूजा जरूर करनी चाहिए। क्योंकि इस दिन चंद्रमा अपनी सौलह कलाओं के साय आसमान में उदित रहता है।और इस दिन चन्दमा की किरणें जातक को गंभीर रोग से मुक्ति दिलाती है। साथ ही जातक का अपने मन पर नियंनण रहता है।
