Akshaya Tritiya 2026 date and time: दोस्तो हिन्दू धर्म मे अक्षय तृतीया को बेहद ही शुभ दिन माना जाता है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है। इस दिन अबूझ मुहर्त होने के कारण हर तरह के शुभ कार्य किये जा सकते हैं। अक्षय तृतीया को अखा तीज और युगादि तिथि के नाम से भी जाना जाता है। वहीं इस दिन त्रेतायुग का भी आरंभ माना जाता है। कहा जाता है कि गंगा नदी का धरती पर अवतरण भी इसी दिन हुआ था।
अक्षय तृतीया के दिन दान देने से दोगुना फल की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन शुभ फल और सौभाग्य का कभी क्षय नहीं होता है। बल्कि इस दिन पूजा करने और सोना ख्रीदने से घर में हमेशा संपन्नता बनी रहती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ पावन दिन पर जो भी कार्य इस दिन किये जाते है, उनका अक्षय फल मिलता है। इसलिए इस दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। अक्षय तृतीया पूजा करने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है, और घर परिवार में सुख शांति आती है। इसके अलावा अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
अक्षय तृतीया पूजा विधि
इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ ही धन के देवता कुबेर की भी पूजा करनी चाहिए। घर में जहां भी अक्षय तृतीया की पूजा करनी है उस स्थान को गंगाजल से शुद्ध कर लें। इसके बाद वहां एक चौकी रखें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। चौकी पर माता लक्ष्मी, श्री हरि, विष्णु, भगवान गणेश और कुबेर देवता की मूर्ति स्थापित करें। वहीं घर पर रखा सोना, चांदी और जौ रखें। अब सबसे पहले गणेश जी की वंदना करें। साथ ही उन पर अक्षत, सिंदूर, सुपारी, नारियल, धूप, दीप, चंदन, दूर्वा, पान, फूल, फल, मोदक आदि चढ़ाएं। फिर माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विधिविधान से पूजा करें।
इन्हें कुमकुम, अक्षत, कमल गट्टा, माला, हल्दी, धूप, दीप, कमल का फूल, लाल गुलाब का फूल आदि अर्पित करें। मखाने की खीर का भोग बनाकर भी लगाएं। इसके बाद विधिविधान से कुबेर देवता की भी पूजा करें। उन्हें अक्षत, कमलगट्टा, इत्र, लौंग, चंदन, दूर्वा, इलायची, नैवेद्य, फल, सुपारी, धनिया, फूल आदि अर्पित करें। अब आप कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का पाठ करें। साथ ही कुबेर चालीसा और गणेश चालीसा का भी पाठ करें। पूजा के समय माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता के मंत्रों का जाप भी शुभ मानते हैं। अंत में माता लक्ष्मी की आरती कर प्रसाद सभी में बांट दें। पूजा के समय माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु, गणेश जी और कुबेर देवता के मंत्रों का जाप करना शुभ मानते हैं। अंत में आरती कर प्रसाद सभी को बांट दें। अक्षय तृतीया के दिन इस मंत्र का भी जाप जरूर करें। मंत्र है ओम श्रीम क्लीम महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह सर्व सौभाग्यम देहमे स्वाहा
अक्षय तृतीया के दिन सोना क्यो खरीदा जाता है
अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना काफी शुभ माना गया है। माना जाता है कि इस दिन जो भी धातु खरीदी जाती है वो भविष्य में आगे बढती है। जिसे दिन दूनी रात चौगनी उन्नति होती है, वही अक्षय तृतीया के दिन अबुझ़ मुहर्त होने से कोई भी शुभ कार्य या नया कार्य का आरम्भ कर सकते है।
इसलिए कई लोग इस दिन अपने नए काम की शुर्आत करने के साथ ही सोना, चांदी व अन्य कीमतीं वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। मान्यताओं के अनुसार इस दिन सोना अथार्त सोने के अभूषण खरीदने से सुख-समृद्रि की अपार वृद्धि होती है और घर-परिवार में सदैव खुशहाली बनी रहती
है।
अक्षय तृतीया के दिन किये जाने वाले उपाय
- अक्षय तृतीया के पावन शुभ अवसर पर कलश का दान करने के बाद पूजन करने से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस दिन जल से भरे कलश को मंदिर या फिर किसी जरूरत मंद को दान करने से ब्रम्हा विष्णु और महेश की कृपा प्राप्त होती है। और व्यक्ति के द्वारा जाने – अनजाने मे किये गए पापा दूर होते है।अक्षय तृतीया के दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना काफी शुभ माना जाता है।
- भगवान विष्णु की पूजा तुलसी पत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। इस दिन तुलसी पूजा करने से जातक पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्नीरामचरित मानस का पाठ करना चाहिए। साथ ही आपको भगवान विष्णु के दसावतार की कथा का पाठ करना चाहिए।
- शास्त्रो में जौ को स्वर्ण भी कहा गया है। यदि आप अक्षय तृतीया के दिन किसी कारण से सोना नहीं खरीद पा रहे हैं, तो इस शुभ दिन पर आप जौ अवश्य खरीदे। इस दिन आप जौ खरीदकर भी सोना खरीदने का शगुन कर सकते हैं। अक्षय तृतीया के दिन जौ खरीदकर पूजा के दौरान भगवान विष्णु जी को अर्पित करे और फिर इसे लाल कपड़े में बांधकर धन रखने के स्थान पर रख दें।
- अक्षय तृतीया के दिन दान करने का भी विशेष महत्व होता हैं। इस दिन आप अपनी इच्छा और सामर्थ्य अनुसार जौ खरीदकर किसी पंडित को दान कर दें। शास्त्रो में यह दान बड़ा ही उतम दान माना गया है। मान्यताओं के अनुसार ऐसा दान करने वाला स्वर्ण दान करने के समान पुण्य को प्राप्त करता है।
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Akshaya Tritiya 2026 date and time अक्षय तृतीया 2026 कब है
| अक्षय तृतीया | 19 अप्रैल 2026 |
| पूजा का शुभ मुहूर्त | सुबह 10:49 बजे – दोपहर 12:20 मिनट तक |
| तृतीया तिथि शुरू होगी | 19 अप्रैल 2026 सुबह 10:49 मिनट पर |
| तृतीया तिथि समाप्त होगी | 20 अप्रैल 2026 सुबह 07:27 मिनट पर |
| अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने का शुभ मुहूर्त | 19 अप्रैल 2026 सुबह 10:49 मिनट से 20 अप्रैल सुबह 05:51 मिनट पर |

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