Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी व्रत में क्या खाना चाहिए | सरस्वती पूजा व्रत में क्या खाएं

दोस्तों माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। बसंत पंचमी (Basant Panchami) के दिन विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। ऐसा करने से मां बेहद प्रसन्न होती है और अपने भक्तों को ज्ञान का आशीर्वाद देती है। बहुत से लोग माता को खुश करने के लिए व्रत रखते हैं। लेकिन कई लोगों को यह नहीं पता होता है कि बसंत पंचमी के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं। अनजाने में लोग ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं जिससे उनका व्रत टूट जाता है। आईये जानते है बसंत पंचमी व्रत के दौरान किन चीजों का सेवन करना है। और किन चीजों का नहीं। इस दिन क्या खाना चाहिए, क्या नहीं।

बसंत पंचमी (Basant Panchami) व्रत के नियम

दोस्तों अगर आप बसंत पंचमी का व्रत कर रहे हैं तो बिना नहाए और सरस्वती माता की पूजा किए बगैर कुछ भी नहीं खाना चाहिए। आपको बता दें कि बसंत पंचमी का व्रत पूरे दिन रखना जरूरी नहीं होता है। इस दिन शुभ मुहूर्त में मां सरस्वती की पूजा आराधना करने के बाद आप व्रत खोल सकते हैं। इस दौरान आपको व्रत खोलने से पहले मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। और उनका प्रिय फल बेर खाकर व्रत खोलना चाहिए। इसके बाद ही चढ़ाए हुए भोग प्रसाद का सेवन करें।

या कुछ लोग बसंत पंचमी के दिन पूरे दिन उपवास रखने के बाद शाम को पूजा करके व्रत खोलते हैं। लेकिन एक बात ध्यान रहे व्रत का पारण करने से पहले बेर जरूर ग्रहण करें। क्योंकि यह मां का प्रिय फल है। या कुछ लोग बसंत पंचमी के दिन पूरा दिन फलाहारी व्रत रखकर अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलते हैं। तो आप अपनी इच्छा के अनुसार इस व्रत को कर सकते हैं। ध्यान रहे कि सरस्वती पूजा में पीले रंग के भोजन का विशेष महत्व है।

इसलिए सरस्वती पूजा में पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं और बाद में उसी का सेवन करें। बसंत पंचमी (Basant Panchami) के व्रत में मीठे चावल, केसरिया भात, मालपुआ, रवा केसरी, राजभोग, जलेबी और लड्डू समेत कई तरह के मौसमी फल प्रसाद में चढ़ाए जाते हैं। तो जो लोग पूजा करने के बाद व्रत खोल रहे हैं, तो वह प्रसाद का सेवन कर सकते हैं। लेकिन जो लोग पूरा दिन फलाहारी व्रत कर रहे हैं, वह सुबह की पूजा के बाद पानी, चाय, दूध, फल, ड्राई फ्रूट्स आदि का सेवन कर सकते हैं। और दोपहर के समय में व्रत के चावल यानी समा के चावल या साबूदाना की खिचड़ी या खीर बनाकर खा सकते हैं। हो सके तो खीर में केसर का इस्तेमाल जरूर करें।

इस दिन पीला भोजन श्रेष्ठ रहेगा। और रात में फलाहारी भोजन जिसमें आप सब्जी में आलू, अरबी, कच्चा केला, शकरकंद, गाजर, लौकी, हरी मिर्च, हरी धनिया आदि खा सकते हैं। साथ में कुट्टू या सिंघाड़े के आटे की पूरी या पराठा बनाकर खा सकते हैं या जो भी फलाहारी व्रत में खा सकते हैं। आप अपनी पसंद का बनाकर खा सकते हैं। इसमें कोई समस्या नहीं है। बल्कि बसनत पंचमी के व्रत में आप व्रत वाले नमक यानी सेंधा नमक का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

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बसंत पंचमी के दिन क्या नहीं खाना चाहिए

  • दोस्तों बसंत पंचमी के व्रत में तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इसलिए अगर आप बसंत पंचमी का व्रत और पूजा कर रहे हैं, तो इस दिन प्याज और लहसुन का सेवन करने से बचें। इस दिन आपको सात्विक भोजन करना चाहिए। इसके अलावा आपको व्रत में मसालेदार भोजन के सेवन से भी परहेज करना चाहिए।
  • बसंत पंचमी के दिन आपको मांस, अंडा और मदिरा जैसी चीजों के सेवन से भी बचना चाहिए। इस व्रत के दौरान अनाज और साधारण नमक का सेवन नहीं किया जाता। इसकी जगह आप सेंधा नमक का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा इस दिन काले रंग की चीजों के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है।

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