Palgun Amavasya: दोस्तों फाल्गुन माह में पड़ने वाली अमावस्या को फाल्गुन अमावस्या कहते हैं. यह हिंदू वर्ष की अंतिम अमावस्या भी होती है. फाल्गुन अमावस्या महाशिवरात्रि के पर्व के बाद आता है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में फाल्गुन महीने में आने वाली इस अमावस्या को अत्यंत महत्त्वपूर्ण बताया गया है। फाल्गुन अमावस्या के दिन गंगा या अन्य पवित्र नदियों में स्नान दान करने से पुण्य कारी फलों की प्राप्ति होती है। फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) के दिन पित्रों का श्राद तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है साथ ही पितर दोष से भी मुक्ति मिलती है। फाल्गुन अमावस्या के दिन गरीब और जरूरतमंदों को दान जरूर करें ऐसा करने से पितर प्रसन्न होते हैं। और अपने वंश पर कृपा बरसाते हैं साथ ही अमावस्या के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि संपन्नता और खुशहाली आती है।
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मान्यता है कि हिंदू धर्म में आस्था रखने वालों के लिये फाल्गुनी अमावस्या का अपना विशेष महत्व है। इस लिए इस दिन लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिये दान, तर्पण और श्राद्ध करते हैं। इस दिन धार्मिक तीर्थ स्थलों पर स्नान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद आत्माएं पितृ लोक पहुंचती हैं और आत्माओं का अस्थायी निवास होता है। और जब तक उनके भाग्य का अंतिम फैसला नहीं होता उन्हें वहीं रहना पड़ता है। इस दौरान उन्हें बहुत पीड़ा सहनी पड़ती है क्योंकि वे स्वयं कुछ भी ग्रहण करने में समर्थ नहीं होते हैं। अमावस्या के दिन इन आत्माओं के वंशज, सगे-संबंधी या कोई परिचित उनके लिये श्राद्ध, दान और तर्पण करके उन्हें आत्मशांति दिला सकते हैं। पितरों की शांति के लिये किये जाने वाले दान, तर्पण, श्राद्ध आदि के लिये यह दिन बहुत ही भाग्यशाली माना जाता है। तो चलिए जानते हैं कि साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या कब पड़ेगी और स्नान दान का शुभ त क्या रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त और पितर पूजा का समय कब से कब तक रहेगा और राहुकाल का समय क्या रहेगा।
फाल्गुन अमावस्या पूजा विधि
फाल्गुन अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। उसके बाद सूर्यदेव को अर्ग दें घर में पितरों के नाम से हवन व पूजा पाठ करवाएं भगवत गीता रामायण का पाठ करें सबसे पहली दो रोटी लेकर हलवा या खीर रखकर गाय को खिलाएं। किसी गरीब ब्राह्मण को भोजन खिलाकर दान दक्षिणा दे श्याम के समय पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाकर सात बार परिक्रमा करें। फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) के दिन घर में सुख शांति के लिए हवन पूजन तर्पण आदि करें। फाल्गुन अमावस्या के दिन शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करने से जीवन में सुख सौभाग्य की प्राप्ति होती है और अकाल मृत्यु व रोगों से भी छुटकारा मिलता है।
फाल्गुन अमावस्या 2026 दिन व दिनांक – Phalgun Amavasya 2026 Date Time Shubh Muhurat
- साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या -17 फरवरी 2026 मंगलवार को है।
- फाल्गुन कृष्ण अमावस्या तिथि शुरू होगी -16 फरवरी की शाम 534 पर
- और फाल्गुन कृष्ण अमावस्या तिथि समाप्त होगी -17 फरवरी की शाम 5:30 मिनट पर
फाल्गुन अमावस्या व्रत उपाय
- फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) के दिन पित्र दोष से मुक्ति पाने के लिए पीपल की पूजा करने के बाद जल में दूध मिलाकर पीपल की जड़ में डालदे और फिर पीपल के पेड़ के निचे अक्षत, रोली, चंदन, फल-फूल आदि अर्पित करें इसके अलावा पांच तरह की मिठाई अर्पित करें और फिर हाथ जोड़कर 11 परिक्रमा भी करें। ऐसा करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
- फाल्गुन अमावस्या (Falgun Amavasya) के दिन भगवान शिव जी और भगवान विष्णु जी की पूजा एक साथ करने से मनुष्य की सभी मनोकामनाए पूरी होती है और उसपर भगवान शिवजी और भगवान विष्णु जी की कृपा बरसती है।
- फाल्गुन अमावस्या के दिन भगवान शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंदिर में सरसों का तेल, काले तिल, काली उड़द, काजल और काला कपड़ा चढ़ाने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होते है।

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