Mahashivratri 2026 Date: मित्रो नमस्कार मै हूँ अजीत यादव आप बहुत बहुत स्वागत है हमारे एस ब्लॉग में, मैंने आप को एस लेख के माध्यम से साल २०२६ में महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी, पूजा की विधि क्या होगी और ईस दिन पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा तो आप को बता दे की
महाशिवरात्रि का पर्व सभी प्रमुख पर्वों में से एक माना जाता है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है। महाशिवरात्रि के दिन शिव भक्त शिवजी की विशेष पूजा अर्चना करके उनका गंगाजल से जलाभिषेक करते है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यही कारण है कि इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व को मनाया जाता है।
मान्यता है कि महाशिवरात्रि का पर्व को शिव शक्ति के मिलन का त्योहार भी कहा जाता है। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन मध्यरात्रि में शिव पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। आइये जानते है साल 2026 में महाशिवरात्रि की सही तारीख, पूजा करने का शुभ मुहूर्त, व्रत पारण का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महाशिवरात्रि के दिन किये जाने वाले विशेष महत्व के बारे में
महाशिवरात्रि पूजा विधि Mahashivratri Puja Vidhi
महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय होने से पहले स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा करे और व्रत शिवरात्रि व्रत का संकल्प ले। फिर शुभ मुहर्त में किसी शिव मंदिर या फिर घर पर ही भगवान शिवजी की पूजा करे। और शिवलिंग को पंचामृत से स्नान करयये और “ऊँ नमः शिवाय:” मंत्र का जाप करे। इसके बाद भगवान शिवजी को सफेद चन्दन का तिलक करे। फिर भस्म, बिल्व पत्र, धतूरा, चन्दन, पुष्प, धूप, दीप आदि अर्पित करके शिवजी की आरती करे। और अगले दिन प्रातःकाल उनकर स्नान करने के बाद किसी ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देकर वत का पारण करना चाहिए।
महाशिवरात्रि व्रत के नियम Mahashivratri Vrat Upay
- महाशिवरात्रि का व्रत प्रातःकाल से लेकर अगले दिन पारण के बाद खोलना चाहिए। इस दौरान शिवरात्रि व्रत रखने वालों को एक दिन पूर्व से ही तामसिक भोजन का त्याग कर देना चाहिए।
- इसके अलावा शिवरात्री पूजा में शिव जी को बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि बेलपत्र कहीं से कटा-फटा न हो और बेलपत्र चढ़ाते समय चिकना भाग शिवलिंग से स्पर्श करना चाहिए।
महाशिवरात्री उपाय
- शिव पुराण में बतलाया गया है की महा शिवरात्रि के दिन शाम को पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि की शाम को महादेव की पूजा के कुछ विशेष उपाय करने से आपका जीवन सुखमय होता है और जीवन से हर प्रकार की बाधा दूर होती है। आइए जानते हैं कौन से हैं ये उपाय –
- महा शिवरात्री के दिन पानी में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करने के बाद ॐ नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करने से मन को शांति मीलती है। एसके अलावा महा शिवरात्रि के दिन आटे से 11 शिवलिंग बनाकर 11 बार इनका जलाभिषेक करने से संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
- महा शिवरात्री के दिन शाम के समय किसी शिव मंदिर में जाकर साफ-सफाई करे और वहां भक्तजनों के साथ बैठकर शिव चालीसा का पाठ करे व भजन कीर्तन में ध्यान लगाएं। ऐसा करने से एक तरफ आपके मन को चैन और सुकून मिलता है और दूसरी तरफ शिव कृपा से आपके जीवन की सारी समस्याएं दूर होती हैं।
महाशिवरात्रि व्रत 2026 पूजा शुभ मुहूर्त Mahashivratri 2026 Date Time Shubh Muhurat
| त्यौहार के नाम | त्यौहार के तारीख |
| महाशिवरात्रि | 15 फरवरी दिन रविवार को मनाई जाएगी |
| चतुर्दशी तिथि कब शुरू होगी | 15 फरवरी २०२६ PM 05:04 बजे |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त होगी | 16 फरवरी २०२६ PM 05:34 बजे |
| निषितकाल पूजा मुहूर्त | 15 फरवरी २०२६ PM 11:55 बजे से PM 12:56 बजे तक |
| व्रत पारण शुभ मुहूर्त | 16 फरवरी २०२६ AM 06:42 बजे से PM 03:10 बजे तक |
| प्रथम पहर पूजा समय | 15 फरवरी २०२६ PM 06:19 बजे से 09:26 बजे तक |
| द्वतीय पहर पूजा समय | 16 फरवरी २०२६ PM 09:26 बजे से AM 12:34 बजे तक |
| तृतीय पहर पूजा समय | 16 फरवरी २०२६ AM 12:34 बजे से AM 03:41 बजे तक |
| चतुर्थ पहर पूजा का समय | 16 फरवरी २०२६ AM 03:41 AM 06:48 बजे तक |
