Makar Sankranti 2026 Date Time: 2026 में मकर सकांति कब है?, जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व

मित्रो नमस्कार मैं हु अजीत यादव इस लेख के माध्यम से मैंने आप को बताया है कि साल 2026 में मकरसंक्रांति का पर्व कब मनाया जाएगा, और मकरसंक्रांति मनाने का महत्त्व क्या है आईये जानने है तो आप को बतादे की

मकर संक्रांति का महत्व

Makar Sankranti 2026 Date Tine: मकर संक्रांति पर्व को उत्तरायण और खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है। मकर संक्रांति सभी प्रमुख पर्वों में से एक माना जाता है। इस दिन भगवान सूर्यदेव मकर राशि में गोचर करते है। सूर्य का राशि परिवर्तन ही संक्रांति कहलाता हैं। शास्त्रो के अनुसार जिस दिन सूर्य धनु याशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते है उसी दिन मकर संक्रांति होती है। इस दौरान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायन हो जाते है इसीलिए इसे उत्तरायण कहते है।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव की आराधना करने से जातक के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। आइये जानते है साल 2026 में मकर संक्रांति या उत्तरायण की सही तारीख क्या है, महापुण्यकाल का समय, पूजा विधि और इस दिन क्या करे क्या न करे।

मकर संक्रांति पूजा विधि

ऐसी मान्यता है की मकर संक्रांति के दिन सूर्य अपने पुत्र शनि की राशि मकर में प्रवेश करते है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन सर्योदय से पहले उठकर तिल मिले जल से स्नान कर सूर्य देव को जल का अर्घ्य देकर ऊं सूर्याय नमः मंत्र का जाप करे। मकर संक्रांति के दिन पानी में काला तिल और गंगाजल मिला कर स्नान करने से कुडली में जो भी ग्रहदोष है वह सीघ्र ही दूर ही जाते है। इसलिए भगवान सर्य देव की पूजा के बाद तिल, उड़द दाल, चावल, गुड़़, धन अदि का किसी ब्राह्मण को दान करना चाहिए साथ ही इस दिन भगवान को तिल और खिचड़ी का भोग लगाना शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति के दिन क्या करे

  • शास्त्रो के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
  • इस दिन सुबह स्नान के बाद जल में कुककुम और काले तिल डालकर सूर्यदेव को अर्य दें।
  • इससे जीवन में सुख शांति बनी रहती है। संभव हो तो मकर संक्तांति के दिन गंगा स्नान जरूर करना चाहिए।
  •  इस दिन तिल या तिल से बनी चीजों का दान करना शुभ होता है।
  • मकर संक्रांति पर चावल और उड़द दाल की खिचड़ी बनाकर सूर्यदेव को खिचड़ी का भोग लगाने से सभी मनोकामना पुरी होती है।

मकर संकांति के दिन क्या ना करे

  • धर्म शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  •  मकर सक्रांति के दिन भोजन से पहले स्नान करना चाहिए।
  •  इस दिन घर पर आये जरूरतमंद को खाली हाथ नही जाने देना चाहिए।
  • और मकर संक्रांति के दिन सूर्यास्त के बाद भोजन करने से बचना चाहिए।
  • बल्कि ऐसा माना जाता है की आज का भोजन सर्यास्त से पहले कर लेना शभ होता है।

2026 में मकर सकांति कब है? Makar Sankranti 2026 Date Time

त्योहारदिन व तारीख
मकर संक्रांति14 जनवरी 2026 दिन बुधवार
मकर संक्रान्ति का क्षण14 जनवरी २०२६ दोपहर 03:13 मिनट पर
पुण्यकाल शुभ महूर्त14 जनवरी 2025 दोपहर 02:४९ – शाम 05:45 मिनट तक रहेगा
महापुण्यकाल शुभ मुहूर्त14 जनवरी 2026 को दोपहर 02:49 – दोपहर 03:13 मिनट तक रहेगा
मकर संक्रांति अभिजीत मुहूर्त12:09 मिनट से 12:51 मिनट तक रहेगा

शास्‍त्रों में मकर संक्रांति पर स्‍नान, ध्‍यान और दान का विशेष महत्‍व बताया गया है. मकर संक्रांति पर खरमास का भी समापन हो जाता है और शादी-विवाह जैसे शुभ और मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाती है. ऐसी मान्‍यता है कि इस दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस लौटता है।

मकर सक्रांति के दिन इन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति के दिन शुभ मुहूर्त में स्नान के बाद जूते, अन्न, तिल, गुड़, गरम वस्त्र, कंबल दान करने से शनि और सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन सबसे पहले गंगा या फिर किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि आप गंगा स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो घर पर ही नहाने के पानी में तिल और गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इसके बाद दान करें। इससे ग्रह-दोष दूर होते हैं।

सूर्य को अर्घ्य इस तरह अर्घ दे

ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के बाद काला तिल, गुड़, लाल चंदन, लाल फूल, अक्षत मिश्रित जल से सूर्य को नमस्कार कर जल अर्पित करें। साथ ही सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें।

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