Marghashirsha Amavasya 2025: हिन्दू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व होता है, साल भर में कुल 12 अमावस्या तिथियां पड़ती हैं। इन्हीं में से एक है मार्गशीर्ष अमावस्या, मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मार्गशीर्ष अमावस्या कहा जाता है। मार्गशीर्ष अमावस्या को अगहन अमावस्या या श्राद्धादि अमावस्या के नाम भी कहा जाता है। इस तिथि पर सृष्टि के पालनकर्ता भगवान विष्णु जी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है।
साथ ही पितरों की शांति के लिए तर्पण, पवित्र नदियों में स्नान और जरूरतमंदों को दान – दक्षिणा देना बेहद ही शुभ और पुण्यकारी माना जाता है। मार्गशीर्ष अमावस्या के दिन जो कोई व्यक्ति पितरों की शांति के लिए पवित्र नदियों में स्नान और गरीबों को दान दक्षिणा देते है उनके जीवन से हर समस्याओं का अंत होता है। और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
मार्गशीर्ष अमावस्या पूजा विधि
वे जातक जो अमावस्या का व्रत रखते हैया रखना चाहते है। वे ब्रह्म मुहर्त में उठकर स्रान आदि कर लें और पहले पूरे घर की अच्छे से साफ़ सफाई करें। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में गंगा, यमुना या अन्य किसी तीर्थ स्थल पर पवित्र स्रान क्रना बहुत शुभ माना जाता है। लेकिन यदि आपके लिए ऐसा संभव ना हो तो आप घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्रान कर सकते है।
सूर्योदय के समय भगवान सूर्यदेव को जल का अर्य दें। इसेके बाद अपने पितरों का स्मरण कर व्रत रखें. घर के पूजन् स्थल पर एक चौकी पर पीला वस्ल बिछाकर भगवान विष्णु जी की प्रतिमा स्थापित करें। फिर देसी घी का दीप प्रज्वलित करें और भगवान विष्ण को जल, अक्षत, चंदन, पुष्प, फल, वस्त्र और मिठाई अर्पित करें। इसके बाद विष्णु जी के मंत्रों का जप करें। इसके बाद विष्णु चालीसा का पाठ करें और भगवान की आरती उतारें।
इसके बाद पितरों के तर्पण या उनकी आत्मा की शांति के लिए विधि पूर्वक पूजा करवाए। इसके बाद अपने सामर्थ्य के अनुसार, गरीब व जरूरतमंद लोगों को दान-दक्षिणा दें। कहा जाता है कि इस दिन दान-पुण्य करने से सभी पापों का नाश होता है। इस दिन अन्न, वस्त्न और तिल का दान करना बेहद ही शुभ होता हैं। साथ ही गाय को भी रोटी अवश्य खिलाये। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा करें और पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं। इसके बाद पेड़ की परिक्रमा करें। अमावस्या का दिन बेहद शुभ माना जाता है इसलिए इस दिन सात्विक रहे।
2026 मार्गशीर्ष अमावस्या कब है? Marghashirsha Amavasya 2025 Shubh Muhurat
| त्योहार | समय |
|---|---|
| मार्गशीर्ष अमावस्या | 20 नवम्बर 2025 दिन गुरुवार को मनाई जाएगी |
| अमावस्या तिथि प्रारम्भ | 19 नवम्बर सुबह 09:43 मिनट पर |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 20 नवम्बर दोपहर 12:16 मिनट पर |
| अमावस्या पूजा शुभ महूर्त | सुबह 06:48 मिनट पर |
| पितरो की पूजा का शुभ मुहूर्त | सुबह 11:30 मिनट से दोपहर 12:30 मिनट पर |
| विष्णु पूजा का शुभ मुहूर्त | सुबह 05:01 मिनट से सुबह 05:54 मिनट पर |
| राहुकाल में पूजा शुभ मुहूर्त | दोपहर 01:26 मिनट से दोपहर 02:46 मिनट पर |
