Raksha Bandhan 2026 Date | Rakhi 2026 Date | रक्षाबंधन कब है २०२६

Raksha Bandhan 2026 Date | Rakhi 2026 Date | रक्षाबंधन कब है २०२६

Raksha Bandhan 2026 Date: दोस्तों रक्षाबंधन का त्योहार हर साल सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है और शास्त्रों में ऐसा वर्णन है कि रक्षाबंधन का त्योहार भद्रा काल में नहीं मनाना चाहिए। भद्रा काल में रक्षा सूत्र यानि राखी बांधना बेहद ही अशुभ माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि भद्रा का त्याग करके ही रक्षाबंधन का पर्व मनाना चाहिए। रक्षाबंधन का त्योहार सावन माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन के अटूट प्यार का प्रतीक है इस दिन बहन अपने भाई की कलाई में रक्षासूत्र यानि राखी बांधती हैं। और उसकी लंबी उम्र और उसके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती हैं। और भाई ने सदा अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं।

दोस्तों शास्त्रों में भद्रा काल में राखी का त्योहार मनाना अशुभ बताया गया है। इसलिए भूल कर भी भद्रा काल में आप अपने भाई को राखी बांध लें इसके पीछे एक पौराणिक कथा भी है ऐसा कहा जाता है कि लंका पति रावण ने अपनी बहन से भद्रा काल में ही राखी बंधवाई थी और 1 वर्ष के अंदर उनका विनाश हो गया था। इसके अलावा भद्र शनिदेव की बहन है और उन्हें ब्रह्मा जी ने श्राप दिया है कि जो भी भद्रा के समय शुभ या मांगलिक कार्य करेगा उसका परिणाम हमेशा ही अशुभ होगा या इसलिए आप गलती से भी आप इस समय रक्षाबंधन का त्योहार ना मनाएं।

रक्षाबंधन पूजा विधि

दोस्तों रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की सामना करती हैं इसलिए इस दिन भाई-बहनों को स्नान आदि करके हो सके तो नए वस्त्र पहनने चाहिए और इसके बाद मिलकर भगवान की पूजा करनी चाहिए पूजा से पहले आप पूजा की थाल अवश्य लगा लें और उसमें रोली चंदन अक्षर राखी और मिठाई आदि रख लें एक घी का दीपक भी रख लें जिससे आप भाई की आर्थिक करेंगी अब आप इस पूजा की थाली को सबसे पहले भगवान को समर्पित करें।

इसके बाद आप अपने भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुख कर बैठें और बहन प्रमुख पश्चिम की ओर होना चाहिए। इसके बाद आप सबसे पहले भाई को अपने तिलक करें उन्हें रोली चंदन और अक्षत लगाएं उनके ऊपर थोड़े से फूल छिड़कें इसके बाद आरती करें। अब भाई के दाहिने हाथ की कलाई में राखी बांध लें और इसके बाद जो भाई का मुंह मीठा कराकर भाई के लिए मंगल कामना करें। और राखी बांधने के बाद भाई भी अपनी बहन को रक्षा का वचन दें और साथ ही कुछ उपहार भेंट करें

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रक्षाबंधन कब है २०२६ में जाने डेट टाईम Raksha Bandhan 2026 Date

रक्षा बंधन का त्योहार श्रावण पूर्णिमा पर मनाया जाता है। यह सावन मास की अंतिम तिथि होती है।  रक्षा बंधन 2026 की डेट शुक्रवार, 28 अगस्त है

सावन पूर्णिमा तिथि 2026 में 27 अगस्त दिन गुरुवार को सुबह 9:08 बजे से लगेगी। सावन पूर्णिमा तिथि 2026 की समाप्ति 28 अगस्त, शुक्रवार को सुबह 9:48 बजे होगी। इस तरह उदया तिथि के मुताबिक रक्षा बंधन या राखी का त्योहार 2026 में 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

रक्षा बंधन 2026 राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

तिथि के अनुसार देखें तो रक्षा बंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। इस तरह राखी बांधने के लिए बहनों को 3 घंटे 51 मिनट का समय मिलेगा। इस दौरान कोई अशुभ योग सामने नहीं आ रहा है।

रक्षाबंधन व्रत के उपाय

इस साल रक्षाबंधन का यह त्यौहार 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। वहीं हमेशा रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त में ही बांधना चाहिए। इससे भाई का भाग्योदय होता है और बहन की मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। लेकिन इस दिन कई नियमों का पालन भी करना होता है। ऐसे में चलिए आपको बताते हैं कि रक्षाबंधन के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं। सबसे पहले बात करते हैं कि रक्षाबंधन के दिन क्या करें। रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। राखी बांधने के लिए पहले पूजा की थाली तैयार करें जिसमें राखी, अक्षत, रोली, मिठाई और दीप जलाएं।

भाई की कलाई में राखी बांधने से पहले माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें। राखी घर के देवताओं को भी चढ़ाएं। विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण या अपने इष्ट को राखी चढ़ानी चाहिए। राखी बांधते समय दिशा का खासतौर पर ध्यान रखें। जैसे भाई का मुंह पश्चिम की ओर रहे और आपका मुंह पूर्व दिशा की ओर। बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधते समय तीन गांठ लगानी चाहिए। वहीं भाई को आरती करें और तिलक लगाएं। इसके बाद राखी बांधे और मिठाई खिलाएं। राखी बांधते समय भाई के सिर पर रुमाल जरूर रखना चाहिए। इसके बाद जरूरतमंदों को दान करें। इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व है।

अगर भाई आपसे दूर है तो राखी पोस्ट करिए और ऑनलाइन भेजें। ऐसे में अब चलिए आपको बताते हैं कि रक्षाबंधन के दिन क्या नहीं करना चाहिए। किसी भी सूरत में राखी बिना मुहूर्त ना बांधे। मान्यता है कि अशुभ समय या भद्राक काल में राखी नहीं बांधनी चाहिए। बहनें ध्यान रखें कि भाई की बाई कलाई में राखी नहीं बांधनी चाहिए। बहनों को राखी बांधने से पहले भोजन नहीं करना चाहिए। पहले पूजा करें और राखी बांधे उसके बाद ही कुछ खाएं। इस दिन मांस मंदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। राखी बांधने के बाद पूजा की थाली को यूं ही ना छोड़ें। उसे धुलें और पानी को कहीं दूर गिरा दें। भाई-बहन एक दूसरे को उपहार में रुमाल, तौलिया, परफ्यूम या कोई नुकीली चीज ना दें। भाई का तिलक करते वक्त टूटे चावल का उपयोग ना करें। रक्षाबंधन के दिन भाई या बहन को काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए।

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