नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि साल 2026 में सकट तिल का व्रत कब रखा जायेगा और पूजा की सही तिथि क्या होगी, और पूजा करने की विधि क्या है, औरगणेश पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। आइये जानते है।
Sakat Til Chauth 2026 Date Time: सकट तिल चौथ व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस व्रत को करने से महिलाओं के जीवन में सुख, समृद्धि, और खुशहाली आती है। और सकट चौथ व्रत के दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सकट चौथ का व्रत मुख्य रूप से महिलाओ द्वारा रखा जाता है। यह व्रत संतान की लंबी आयु,उत्तम स्वास्थ्य, और उनकी उन्नति के लिए किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी, वक्रतुण्डी चतुर्थी, माघी चौथ और तिलकुटा चौथ के नाम से भी जाना जाता है।
हिंदी पंचांग के अनुसार यह व्रत प्रत्येक वर्ष माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। जो कि साल की सबसे बड़ी चौथ मानी जाती है। आइये जानते है साल 2026 में सकट चौथ का व्रत किस दिन रखा जायेगा, पूजा का शुभ मुहर्त, चन्द्रोदय का समय, पूजा विधि और सकट चौथ व्रत की कथा
सकट चौथ पूजन सामग्री लिस्ट
सकट चौथ के दिन पूजा के लिए भगवान गणेशजी की पूजा करने से पहले निचे दिए गए पूजन सामग्री को पूजा की थाली में रखले इसके बाद पूजा शुरू करे जैसे-
- भगवान गणेश जी प्रतिमा
- सुपारी
- पान का पत्ता
- 21 दूर्वा (घास)
- एक चौकी
- पीला कपड़ा
- रोली
- मौली
- लौंग
- इलायची
- धूप-दीप
- गाय का घी
- गंगाजल
- मेहंदी
- अक्षत
- हल्दी
- तिल के लड्डू
- फल
- कलश
- इत्र
- व्रत कथा की पुस्तक
- चंद्रमा को अर्घ्य देने के लिए कच्चा दूध और चीनी इत्यादी
सकट तिल चौथ पूजा विधि Sakat Chauth Puja Vidhi
संकट चौथ व्रत निर्जल किया जाता है। इस दिन प्रातःकाल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर व्रत की शुरुवात करनी चाहिए। इस दिन गणेश जी का पूजन कर चन्द्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पूजा के लिए सबसे पहले एक चौक पर मिटटी से बनी गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर प्रतिमा का श्रंगार करे।
प्रतिमा को रोली, अक्षत, दूवा, पान-सुपारी धूप-दीप अर्पित करे. इसके बाद गणेश जी के मंत्र ग गणपतये नमः का जाप करे। तिल तथा गुड़ के बने लड्डू का भोग लगाए। और पूजा के अंत में व्रत कथा पढ़कर निचे दिए गए मंत्रो का जाप करे।
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।
और पूजा के अंत में भगवान गणेश जी आरती करे। और रात्रि में चन्द्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करना चाहिए। सकट तिल चौथ एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान गणेश की पूजा के लिए मनाया जाता है। इस दिन कुछ विशेष कार्य करने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है।
सकट चौथ व्रत कब है 2026 Sakat Til Chauth 2026 Date Time
| त्योहार | दिन व तारीख |
| संकट चौथ या तिल चौथ | 06 जनवरी २०२६ मंगलवार को रखा जायेगा |
| चतुर्थी तिथि शुरू होगी | 06 जनवरी 2026 – AM 08:01 बजे |
| चतुर्थी तिथि समाप्त होगी | 07 जनवरी 2026 AM 06:52 बजे |
| चंद्रोदय का समय होगा | PM 08:54 बजे |
सकट तिल चौथ पर जरूर करे यह काम
- भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करें और उन्हें फूल, फल, और अन्य वस्तुएं चढ़ाएं।
- भगवान गणेश को तिल और गुड़ का भोग लगाएं।
- सकट तिल चौथ के दिन व्रत रखें और भगवान गणेश की भक्ति में लीन रहें।
- भगवान गणेश की कथा सुनें और उनके जीवन के बारे में जानें।
- दान और पुण्य कार्य करें और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करें।
- भगवान गणेश के मंत्र जपें और उनकी कृपा प्राप्त करें।
- भगवान गणेश से संकटों से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें।
इन कार्यों को करके आप भगवान गणेश की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन को सुखमय बना सकते हैं।
सकट तिल चौथ की कथा
सकट तल चौथ की कथा भगवान गणेश और माता पार्वती से जुड़ी हुई है। एक समय की बात है, भगवान गणेश अपनी माता पार्वती के साथ बैठे थे। माता पार्वती ने भगवान गणेश से कहा कि तुम्हारे लिए एक विशेष व्रत है, जिसे सकट तल चौथ कहा जाता है। इस व्रत को करने से तुम्हारी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
भगवान गणेश ने माता पार्वती से कहा कि इस व्रत की विधि क्या है और इसे कैसे करना है। माता पार्वती ने बताया कि इस व्रत में महिलाओं को चौथ के दिन व्रत रखना होता है और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करनी होती है।
भगवान गणेश ने कहा कि जो महिलाएं इस व्रत को करेंगी, उन्हें तुम्हारी कृपा से सभी सुख और समृद्धि प्राप्त होगी। माता पार्वती ने कहा कि इस व्रत को करने से महिलाओं के जीवन में सुख, समृद्धि, और खुशहाली आएगी।
