नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि साल 2026 में सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी कब मनाई जाएगी। पूजा करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, पूजा की विधि क्या होगी और बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को प्रसन्न करने लिए क्या उपाय करना चाहिए ! आइये जानते है।
2026 Basant Panchami Puja Date And Time: मित्रो हर साल माघ शुक्लपक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस विशेष दिन में ज्ञान, विघा और कला की देवी माता सरस्वती की पृजा-अराधना की जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन सृष्टि पर मां सरस्वती की उपत्ति भी हई थी। माना जाता है कि इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विघा और बुद्धि का वरदान मिलता है। इसके आलावा इस दिन नए कार्य को शुरू करना बेहद शुभ माना जाता है। ज्ञान की देवी मां सरस्वती को इस दिन पीले रंग की चीजों का भोग लगाया जाता है। इतना ही नहीं इस दिन पीले रंग के कपड़े भी पहने जाते हैं।
बसंत पंचमी का महत्व
हिन्दु धर्म में बसंत पंचमी का विशेष महत्व है। बसंत पंचमी के दिन सच्चे मन से माँ सरस्वती की पूजा-आराधना करने से माता सीघ्र प्रसन्न होती है। और अपने भक्तों को ज्ञान का आशीवाद प्रदान करती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा पूर्वक की गई पूजा विफल नही होती है। और जातक को मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अलावा इस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए मुहर्त देखने की जसूरत नहीं पड़ती।
यानी इस दिन शादी विवाह, मुंडन संस्कार, जनेऊ संस्कार और गृह प्रवेश, निवेश, नई नौकरी और बिजनेस की सुरुआत जैसे कार्य बिना मुहूर्त देखे इस दिन कराये जाते है। क्योकि बसंत पंचमी का दिन अपने आप में ही अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन कई लोग अपने छोटे बच्चों को पहली बार किताब और कलम भी पकड़ाते है। छात्रों को इस दिन मां सरस्वती की पूजा अवश्य करनी चाहिए।
बसंत पंचमी पूजा विधि
बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती जी की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन जातक सूर्योदय से पहले स्रान करे और इसके बाद पूजा आरंभ करे। पूजा के लिए सबसे पहले एक चौकी या पाटे पर मां सरस्वती की प्रतिमा या मृर्ति रखें। और उन्हें पीले रंग के वस्त्र अर्पित करे। बता दे कि बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना गया है। भगवान विष्णु को पीला रंग बहुत प्रिय है। इसलिए पंचमी के दिन पीले वस्र और पीले रंग की वस्तुओं का प्रयोग करना शुभ माना जाता है।
यदि आप पूजा में पीले वस्र न पहन रहे हो तो कलाई पर पीला रुमाल बांध सकते है। इसके बाद रोली, चंदन, हल्दी, केसर, चंदन, पीले पुष्प अर्पित करे और पीले मीठे चावल का भोग लगाए। अपने पूजा स्थल पर विद्या यंत्र और किताबों को अर्पित करे और अब मां सरस्वती की वंदना का पाठ करें।
2026 में बसंत पंचमी कब है? 2026 Basant Panchami Puja Date And Time
| व्रत त्योहार के नाम | दिन व समय |
|---|---|
| बसंत पंचमी | 23 जनवरी 2026 – शुक्रवार |
| पूजा का शुभ मुहूर्त | 23 जनवरी सुबह 07:15 – दोपहर 12:50 बजे तक |
| पूजा की कुल अवधि | 05:36 बजे |
| पंचमी तिथि प्रारम्भ होगी | 23 जनवरी 2026 – सुबह 02:28 बजे |
| पंचमी तिथि समाप्त होगी | 24 जनवरी 2026 – सुबह 01:46 बजे |
बसंत पंचमी पर छात्र जरूर करें ये उपाय
- बसंत पंचमी के दिन छात्र वर्ग ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा – अर्चना जरूर करे। छात्र पीले वस्त्र पहनकर बताये गए पूजा के शुभ मुहर्त पर मां की पृजा अर्चना करे।
- छात्र सरस्वती पूजन में अपने पेन और किताबे अवश्य रखें और इनकी भी पूजा करें। ऐसा करने से माँ आप पर शीघ्र प्रसन्न होगी। और आपको ज्ञान का आशीवाीद देगी। इसके आलावा माँ की कृपा से आपके जीवन में सफलता के नए मार्ग भी खुलेंगे।
