2025 Navratri 7th Day Puja Vidhi: नवरात्रि का सातवां दिन, मां कालरात्रि की पूजा कैसे करे? जानिए, भोग, प्रसाद, मंत्र और आरती

नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा कैसे करे? मां को कैसा भोग लगाएं, किस रंग के कपड़े पहने और किस तरह पूजा करके मां को प्रसन्न करें। इसके अलावा इस दिन किये जाने वाले उपाय के बारे में जानेंगे ! आईये जानते है।

2025 Navratri 7th Day Puja Vidhi: मित्रो नवरात्रि पर्व माता दुर्गा के प्रति आस्था और विश्वास प्रकट करने वाला पर्व है। नवरात्रि पर्व 9 दिनों तक मनाया जाता है। नवरात्रि में हर दिन मांता दुर्गा के अलग-अलग अवतारों की पूजा की जाती है। नवरात्रि में मां को प्रसन्न करने के लिए भक्तजन व्रत व पूजा अनुष्ठान करते है। नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित होता है। यानी नवरात्र के सांतवे दिन कालरात्रि देवी की पूजा का विधान है। इनका रंग काला है और ये तीन नेत्रघारी है।

मां कालयात्रि के गले में विद्युत की अद्भुत माला है। इनके हाथो खड़क और कांटा है मां का वाहन गधा है। मां अपने भक्तों का हमेशा कल्यण करती हैं, अतः इन्हें शुशंकरी भी कहते हैं। मां की सच्चे मन से पूज्ञा आराधना करने से भय,दुर्गघटना तथा रोगों का नाश होता है। नकायात्मक।ऊर्जा का व्यक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता साथ ही शनि ग्रह को नियंत्रित करने के लिए इनकी पूजा करना अदभुत परिणाम देता है।

मां कालरात्रि पूजा का महत्व

मां कालरात्रि का महत्व यह है कि उनकी पूजा से भक्तों के सभी प्रकार के भय, जैसे शत्रु भय, अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय और अकाल मृत्यु का भय, समाप्त हो जाता है। वह सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों, दुष्टों, और बाधाओं का विनाश करती हैं, और भक्तों को साहस, आत्मविश्वास और जीवन में समृद्धि प्रदान करती हैं।

मां कालरात्रि का स्वरूप

बात करे मां काली के स्वरूप के बारे में तो मां काली का रंग गहरे काले रंग का है और केश खुले हुए हैं। मां सदैव शुभ फल ही देने वाली हैं। इसलिए इनका एक नाम शुभंगकारी भी है। गले में विद्युत की तरह चमकने वाली माला है। मां काली के तीन नेत्र हैं। यह तीनों नेत्र बह्मांड के तरह गोल हैं मां का वाहन गर्दभ यानी गधा है। मां की चार भुजाएं है, उनके एक बाएं हाथ मे कटार और दूसरे बाये हाथ मे लोहे का कांटा है। वहीं एक दाया हाथ अभय मुद्रा और दूसरा दायां हाथ वर मुद्रा में रहता है।

मां कालरात्रि का प्रिय भोग

नवरात्र के सांतवे दिन मां काली के पूजन में गुण का काफी महत्व बताया गया है। मां कालरात्रि को गुड़ काफी प्रिय है इसलिए महासप्तमी के दीन उन्हें गुण का भोग लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि मां को गुड़ का भोग लगाने और ब्राह्माणों को दान करने से मां बहुत जल्दी ही प्रसन्न होती हैं। और सभी विपदाओं का नाश करती है।

मां कालरात्रि का मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मा कालथात्रि रूपेण संस्थिता!
नमस्तस्ये,नमस्तस्ये, नमस्तस्यै नमो नमः!!

मां कालरात्रि पूजा विधि 2025 Navratri 7th Day Puja Vidhi

नवरात्रि के सांतवे दिन मां कालरात्रि की पूजा करने से साधक के समस्त परेशानियों और शत्रुओ का नाश होता है। मां कालरात्रि की पूजा पूर्णतया: नियमानुसाय शुद्ध होक्र एकाग्र मन से की जानी चाहिए। मां कालरात्रि को लाल रंग प्रिय है इसलिए मां की पूज़ा में लाल रंग के वस्तधारण करें। मां की पूजा के लिए सबसे पहले मां कालरात्रि की तस्वीर स्थापित करे।

अगर तसवीर ना हो तो मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा करे। अब गंगाजल से स्नान कर मां की फ़ोटो या मूर्ति के सामने गहि का दीपक और अगरबत्ती जलाएं और उन्हें तिलक लगाएं।।इसके बाद कलश आदि पूजन करने के बाद मां को गुड़हल का पुष्प अर्पित करना चाहिए। मां को गुडहल का फूल बहुत पसंद है। इन्हें लाल गुड़हल का फूल अर्पित करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

अब मां काली का ध्यान करके बंदना श्लोक का उच्चारण करना चाहिए। मां के ऊँ देवी कालयात्र्यै नमः॥ मंत्र का जाप करें इसके बाद मां काली का स्त्रोत पाठ करना चाहिए।पाठ के समापन के बाद माता को गुड़ का भोग लगा लगाना चाहिए। पूजा पूर्ण होने के बाद प्रसाद सभी मे बाट देना चाहिए।

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