नमस्कार मित्रो मैं हु अजीत यादव मैने इस लेख के माध्यम से बताया हूँ कि नवरात्र के नव दोनों में माता दुर्गा के सभी रूपों की पूजा कैसे करे और माता दुर्गा को प्रसन्नं करने के लिए कौन – कौन सा भोग अर्पित करना चाहिए ! आईये जानते है।
Navratri 2025 Bhog for 9 Days: हिन्दू धर्म में नवरात्रि काफी ख़ास महत्व है। नवरात्रि के 9 दिनों को बेहद ही पावन और पवित्र माना जाता है। इन 9 दिनों तक देवी दुर्गा के नो अलग-अलग स्वरूपों की पूजा आराधना की।जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि के समय में मां दुर्गा धरती लोक पर आती हैं। और अपने भक्तों की सारी मनोकामना की पूर्ति करती है। इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होंगे और 2 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ समाप्त होंगे। यानी मित्रो इस बार शारदीय नवरात्र 9 नहीं, बल्कि 10 दिनों के होंगे।
नवरात्री के पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा के 9 अलग – अलग रूपों की उपासना की जाती है। इन दिनों व्रत-पूजा की तरह ही भोग का भी बहुत महत्व होता है। माना जाता है कि नवारात्रि में मां के नौ रूपों को उनके रूप के अनुसार से ही।अलग-अलग भोग लगाया जाना चाहिए। ऐसा।करने से देवी मां बहुत जल्द ही प्रसन्न होती है। और भक्त को व्रत का दोगुना फल मिलता हैं। मित्रो अब आइये जानते है नवरात्रि के किस दिन कोन सा भोग या प्रसाद चढ़ाने से देवी मां प्रसन्न होती है।
नवरात्रि में 9 दिन क्या-क्या भोग लगाएं? Navratri 2025 Bhog for 9 Days
नवरात्री के दिनों में माता दुर्गा की नव रूपों की पूजा आराधाना की जाती है। इन नव दिनों में माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए भक्त तरह-तरह के उपाय करते है और माता दुर्गा के नव दिन अलग – अलग रूपों को भोग लगाते है।
पहला दिन – माँ शैलपुत्री पूजा
पहले नवरात्री पर माता शैलपुन्री को गाय के दूध से बने व्यंजन जैसे खीर, बफी, हलवा, बड़ी।या घर की शुद्ध मिठाई का भोग अर्पित करना चाहिए। इसके आलावा मां को भोग मेंगाय का शुद्ध घी अपिंत करने से आरोग्य का आशीर्वाद मिलता है। और शारीरिक समस्याए दूर होती है।
दूसरा दिन – माँ ब्रम्हचारणी पूजा
नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रहाचारिणी की पूजा की जाती हैं। दूसरे नवरात्री पर देवी ब्रम्हचारणी को शक्कर, मिश्री और पंचामृत का भोग लगाया जाता है। पंचामृत दूध दही, घी, शहद और शक्कर का मिश्रण होता है। इसके अतिरिक्त आप गुड़ या शक्कर से बनी मिठाईं का भोग भी माँ को अर्पित कर सकते हैं।
तीसरा दिन – माँ चंद्रघंटा पूजा
तीसरे नवरात्र पर मां चंद्रघंटा को खीर या दूध से बनी सफेद मिटाई का भोग लगाना शुभ माना जाता हैं। इसके अलावा, पेड़े, मिसरी, पंचमेवा, केला और सेब का भोग भी आप माँ को अर्पित कर सकते है। इस दिन माँ को यह भोग अर्पित करने से माँ अपने भक्तों के दुखो से उन्हें मुक्ति दिलाती है। और उन्हें धन-वैभव और ऐशवर्यं की प्राप्ति होती है।
चौथा दिन – माँ कूष्मांडा पूजा
नवरात्र के चौथे दिन देवी कूष्मांडा की पूजा की जाती है। माना जाता है कि माँ।कुष्मांडा को मालपुए अति प्रिय है। इस दिन मां को मालपुए का भोग लगाने से बुद्धि का विकास होने के साथ ही निर्णय शक्ति में भी वृद्धि होती है।
पांचवा दिन – माँ स्कंदमाता पूजा
नवरात्र के पांचवें दिन माँ स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इस दिन माँ को
केले अपिंत करना बहुत उत्तम होता है। इस दिन माँ को केले का भोग लगाने
बुद्धि का विकास होता है और करियर में ग्रोथ मिलती है।
छठा दिन – माँ कात्यायनी पूजा
नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा आराधना की जाती हैं। देवी कात्यायनी को शहद बहुत प्रिय हैं। इसलिए माँ कात्यायनी को शहद का भोग लगाने से वे प्रसन्न होती हैं। और भक्तों को मनचाहा बरदान देती है। इसके आलावा माँ को शहद का भोग लगाने से साधक को सौंदर्य की प्राप्ति होती है।
सांतवा दिन – माँ कालरात्रि पूजा
नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुगां के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन माँ को गुड़ से बनी चीजे जैसे गुड़ का हलवा, गुड़ की खीर, मालपुआ या कोई भी गुड़ की मिठाईं चढ़ाना सबसे प्रिय और शुभ माना जाता है। इस दिन मां कों गुड़ का भोग लगाने से माँ अपने भक्तों की आकस्मिक आने बाले संकटों से जातक की रक्षा करती है। और पारिवारिक सदस्यों की आय में भी वृद्धि होती है।
आठवां दिन – माँ महागौरी पूजा
नवरात्र के 9वें दिन यानी अष्मी तिथि पर मा दुगां के आठबे स्वरूप माता महागौरी की पूजा अर्चना की जाती है। नवरात्रि के आठवें दिन, महागौरी का प्रिय भोग नारियल से बनी चीजें हैं। जैसे नारियल की बर्फी, नारियल के लड्डू या नारियल की खीर। इसलिए अष्टमी तिथि पर आप मां को नारियल का भोग लगा सकते है। इस दिन माँ को यह भोग लगाने से संतान से सम्बंधित सभी समस्याओं से छटकारा मिलता है।
नवा दिन – माँ सिद्दिदत्री पूजा
नवरात्री के नवे दिन यानि महा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा आराधना की जाती है। इस दिन देवी सिद्धि को हलवा, पूडी, काले चने और खीर का भोग लगाकर कंजक पूजा करें। देवी माँ को यह भोग अपिंत करने से वह प्रसन्न होती हैं। और सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
